Wednesday, April 8, 2015

भजन

;           वह शक्ति हमें दो दयानिधे कर्तव्य मार्ग पर डट जावें 

                           पर सेवा पर उपकार में हम निज जीवन सफल बना जावें

१. हम दीं,दुखी,निबलों,विकलों के सेवक बन संताप हरें ,

                           जो हो भूले,भटके, बिछड़े ,उनको तारें खुद तर जाएं ,वह शक्ति हमें दो -----

२. छल,द्वेष,दम्भ, पाखंड, झूठ, अन्याय से निसदिन दूर रहें,

                         जीवन हो शुद्ध सरल अपना,शुचि प्रेम सुधा रस बरसायें ,वह शक्ति हमें -----

३ं. निज  आन,मान, मर्यादा का, प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे ,

                       जिस देश जाति  में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें ,वह शक्ति हमें दो ----- 

 

 

No comments:

Post a Comment