Friday, January 9, 2015

भजन



भजन ---------

                        क्षण भंगुर जीवन की कलिका कल प्रात को जाने खिली न खिली      

१. मलयालम की शुचि -शीतलता - २ 

                          सुगंध समीर खिली न खिली ,,,,,,क्षण भंगुर जीवन की ---

२. काली कल कुठार लिए फिरता -२ 

                         तन मन से चोट झिली न झिली ----क्षण चंगुर जीवन की ---

३. कह ले हरी नाम अरी रसना -२ 

                       फिर अंत समय में हिली न हिली -----क्षण भंगुर जीवन की -------

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