Tuesday, September 20, 2016

भजन


                                  गुरु पास रहे या दूर रहे नज़रों में समाये रहते हैं


 १. जीवन की घड़ियाँ छोटी हैं, दुनिया की मंजिल लंबी है -२
                              छोड़ो गुरु पर जिम्मेवारी, गुरु आप सम्हाले रहते है --
 २. सुख में भी आप नज़र आते, दुःख में भी धीरज बंधवाते-२
                               दुःख- सुख समझो एक सामान गुरु याद दिलाते रहते है
 ३. जिस अंश के हम सब प्राणी हैं उस अंध के है सारे प्राणी -२
                             माया में फंस कर भूल गए गुरु याद दिलाते रहते है ।। 

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